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Showing posts from May 8, 2016

अपनी जाल में फंस रही हैं कांग्रेस

  अपनी जाल में फंस रही हैं कांग्रेस  नई दिल्‍ली, ( कविलाश मिश्र)।    कांग्रेस मुक्‍त देश का नारा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लोकसभा में दिया गया। तब से कांग्रेस पार्टी काफी कठिन दौर से गुजर रही हैं। इस नारे के बाद से जहां भी विघानसभा के चुनाव हुए या कही उपचुनाव हुए कांग्रेस हाशिए पर जाती नजर आई। वर्जमान में मिज़ोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे उत्तरपूर्व के छोटे राज्य और तीन बड़े राज्य हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। इसके अतिरिक्‍त हाल-फ़िलहाल तक उत्तराखंड में भी कांग्रेस की सरकार थी जिसके भविष्‍य का फैसला फलोर टेस्‍ट पर 10 मई को होना हैं।   इन राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं और वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता हैं कि कांग्रेस की इन राज्यों में चुनाव जीतने की संभावना कम हैं। हिमाचल प्रदेश लगभग प्रत्‍येक पांच वर्श के बाद सरकार बदल जाती हैं। यहीं हाल उत्‍तराखंड के बारे में कहा जा सकता हैं। वैसे भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले ...

उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा॥

उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा॥   दिल्‍ली के राजघाट पर चल रहे राम कथा के आंठवे दिन संत मुरारी बापू ने संत और असंत के लक्षणों मानस औ महात्‍मा गांधी के विचारों के द्वारा बताया। साथ ही उन्‍होंने इस दौरान नारद और प्रभु राम के उस प्रसंग का भी उल्‍लेख किया जिसमें नारद प्रभु राम से संत व असंत के लक्षणों को बताते हैं। उन्‍होंने नवयुवाओं से भी आग्रह किया कि जब भी मौका मिले अपने आराध्‍य का स्‍मरण करना चाहिए। इसके लिए क्‍या दिन और क्‍या रात। मुरारी बापू कहते है कि जिस लक्षणों के कारण मैं उनके अधीन हो जाता हूं। वे आगे बताते हैं कि जिसको मंहत बनने को कभी इच्‍छा न हो वह संत हैं। संत वह है जिसका कोई अंत नहीं हैं। कथा के दौरान बापू शिव धनुष भंग , जानकी विवाह , विदाई सहित राजा दशरथ के आयौध्‍या आने को लेकर ज्ञान के सरोबर में भक्‍तों को गोता लगाते रहते हैं।      नारद मुनि भगवान श्री राम से संतों के लक्षणों के बारे में पूंछ रहे हैं।     ’ संतन्ह के लच्छन रघुबीरा। कहहु नाथ भव भंजन भीरा॥   सुनु मुनि संतन्ह के गुन कहऊँ। जिन्ह ते मैं उन्ह कें बस रहऊँ। ...