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Showing posts from 2016
कांग्रेस की नई टीम के लिए आसान नहीं यूपी में राह शीला बूटी से कांग्रेस को कौमा से निकलने की तैयारी   ( कविलाश मिश्र)।     उत्‍तरप्रदेश चुनाव में अभी आठ महीने से ज्‍यादा का वक्‍त बचा हैं। सभी प्रमुख पार्टियों ने कमर कस ली हैं। कांग्रेस ने शीला दीक्षित का नाम मुख्‍यमंत्री पद के लिए आगे करके यह संकेत दे दिया हैं कि वह उत्‍तरप्रदेश में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन के मूड में नहीं हैं। इसका मतलब यह हुआ कि यूपी में चुनावी गणित का पहड़ा बहुकोणीय होगा और इसका लाभ किसे मिलेगा यह कहना फिलहाल जल्‍दीबाजी हैं लेकिन यदि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव को देखे तो इसी प्रकार बहुकोणीय चुनाव में लाभ भारतीय जनता पार्टी को मिला था। लेकिन, यह भी सच हैं कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में काफी अंतर होता हैं। पार्टी ने उनके अनुभव और दिल्ली में हुए विकास को इस चयन की वजह बताया।   चर्चा यहां कांग्रेस की हो रही हैं। गणितीय अाधार पर चुनाव जिताने में माहिर प्रशांत कुमार, यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद, यूपी कांग्रेस अध्‍यक्ष राज बब्‍बर और प्रियंका गांधी के आत्‍ममंथन के बाद मुख...
देश में समान आचार संहिता लागू करने की दिशा में कदम   ( कविलाश मिश्र)।  देश में समान आचार संहिता लागू हो सकता हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मोदी सरकार के इस कदम से राजनीतिक गलियारों में गर्माहट आना तय मान जा रहा है। इस संबंध में मोदी सरकार ने विधि आयोग से देश में समान आचार संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने की स्थिति में उसके निहितार्थों की जांच करने के लिए कहा है।  सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल समान आचार संहिता पर कानून बनाने के लिए केंद्र और संसद को निर्देश देने से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया था। दिल्ली के एक भाजपा नेता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की थी। भाजपा नेता ने मुस्लिम महिलाओं के साथ कथित भेदभाव का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की थी। प्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा कि वह इस बारे में संसद को कोई निर्देश जारी नहीं कर सकता।    देश में समान आचार संहिता की बात आज से नहीं हो रही हैं। केंद्र सरकार भी जानती ह...
केजरीवाल सरकार के कुशासन के नाम जारी किया 33 सूत्रीय खुला-पत्र नई दिल्ली,  1 जुलाई     ( कार्यालय संवाददाता)।   दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने पंजाब की जनता के नाम 33 सूत्रीय खुला पत्र जारी किया है। इसमें केजरीवाल सरकार के गत 16 महीने के शासनकाल में किये गये प्रमुख घोटालों, उनके विधायकों द्वारा जबरिया हफ्ता वसूली, मंत्रियों के भ्रष्टाचार, संविधान और कानून की अवहेलना, सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय, उप राज्यपाल जैसी संवैधानिक संस्थाओं के आदेशों का पालन न करना, जन लोकपाल बिल न लाना, दिल्ली में लोकायुक्त की नियुक्ति न करना, 21 संसदीय सचिवों की गैर कानूनी नियुक्ति कर उन पर करोड़ों रूपये फंूकना आदि महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। यह पत्र हिन्दी और पंजाबी भाषा में जारी किया गया है। इस खुले पत्र को पंजाब के सभी घरों तक पहंुचाया जाएगा ताकि पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के सच को जान सके और इनके लुभावने वायदों में न फंसे। श्री गुप्ता ने बताया कि पंजाब प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के सभी सदस्यों तक यह पत्र पहंुचाया गया है ताकि वे सम्पूर्ण प...

काश मैं कुत्ता होता...

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कविलाश मिश्रा हाल ही में महानगर में एक सरकारी महकमे की तरफ़ से एक कुता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कुत्तों के बारें में मैं ख़ुद को अगर विशेषज्ञ नही मानता था तो उससे से कम भी नही समझता था। गाँव से लेकर शहर तक मेरा पाला कई बार कुत्तों से पड़ चुका था। लेकिन डौग शो में जाकर मैंने पाया की कुत्तों के बारें में मेरी जानकारी किसी नौसिखिये जैसी थी। आयोजन में जाकर मैंने जो देखा उसकी चर्चा तो मैं बाद में करूंगा लेकिन वहाँ पहुंचकर मुझे अपने साथ गुजरा एक वाकया याद आ गया जो मैं यहाँ भी बांटना चाहूंगा कई साल पहले मेरे एक मित्र मेरा कुत्ता प्रेम देखकर मुझे कुत्ता खरीदवाने ले गया। एक डोबर्मन मुझे पसंद आया लेकिन मैंने उसे इसलिए नही ख़रीदा क्यूंकि उसकी कीमत पाँच हज़ार रूपैये थी। लेकिन मैं पसंद आने पर भी एक अन्य पामेरियन भी इसलिए ही नही खरीद पाया क्यूंकि उसकी कीमत भी चार हज़ार रूपैये थी। मन मारकर मैं लौट आया। मेरे दोस्त ने मुझ पर लानत मारी। शौक कुत्ते के और खर्च से डर, भला कैसे संभव है? वक्त बीता। बच्चे बड़े हुए तो घर में कुत्तों की जगह टेडी की शक्ल में कुत्ते और रीछ आने लगे। एक दिन मेरी बिटिया ने ...
दिल्लीवासियों के कठिन परिश्रम के करोड़ों  रूपये विभिन्न राज्यों में प्रचार में व्यर्थ  नई दिल्ली,   दिल्लीवासियों की मेहनत की कमाई को तमिलनाडु, कर्नाटक, उड़ीसा, जम्मू और कश्मीर, गोवा इत्यादि जैसे दूरदराज के राज्यों में विज्ञापन देकर अपना निजी प्रचार करने के लिये मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कड़ी आलोचना हो रही है। केजरीवाल दिल्ली सरकार के फण्ड को वे अपने आपको अखिल भारतीय स्तर पर प्रोजेक्ट करने के लिये प्रयोग कर रहे हैं जो सरासर गलत है । भारत की राजधानी की सरकार दूसरे राज्यों में विभिन्न भाषाओं में विज्ञापन दे तो यह बात किसी भी दृष्टिकोण से न्यायोचित प्रतीत नहीं होती । दिल्ली की योजनाओं को बाहर के राज्यों में प्रोजेक्ट करने का लाभ मात्र केजरीवाल को निजी प्रचार के लिये तो मिल सकता है परंतु यह जनहित में कतई नहीं हो सकता ।  उन्होंने मुख्यमंत्री को परामर्श दिया कि वे दिल्ली आधारित समाचार पत्रों को छोड़कर विभिन्न राज्यों में विज्ञापन न दें तथा दिल्ली के विकास और कल्याण पर फोकस करें ।    दूसरे राज्यों में विज्ञापन देना अपने आप में एक अजूबा है क्...
वोट बैंक पर कांग्रेस का एक और खतरनाक चेहरा सामने आया  कांग्रेस को डर अब भगवा आतंकवाद पर आसान नहीं राजनीति  नई दिल्‍ली, ( कविलाश मिश्र)।  राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की ओर से मालेगांव में बम धमाके की आरोपियों को क्लीनचिट दिए जाने पर कांग्रेस सहित खुद को सेक्युलर बताने वाले अन्‍य दलों का एक और चेहरा सामने आया हैं। इसी मामले में पिछले माह जब एक कौम विशेष के आठ लोगों की रिहाई हुई थी तब ऐसे नेताओं को एटीएस पर भरोसा था और साथ ही एेेसे आठ लोगों के लिए मुआवजा देने की मांग कर रह थे। लेकिन कल जब साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर समेत छह को क्‍लीन चिट पर ही हाय तौबा मचा रहे है। मुआवजा तो बाद की बात हैं। अगर वे आठ मुआवजा पाने के अधिकारी हैं तो ये छह क्यों नहीं हैं? आखिर यह दोहरी राजनीति क्यों? क्या इसलिए कि यह छहों हिंदू हैं। अब हिंदू आतंकवाद का जुमला उछालने में मुश्किल पेश आएगी?   महंगाई, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसे मुद्दे पर असफल कांग्रेस मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने के लिए हिंदू आतंकवाद का भूत खड़ा कर रही है। देश के ज्यादातर मुद्दों पर उसकी नाकामी राहुल गांधी की ताजपोशी ...

अपनी जाल में फंस रही हैं कांग्रेस

  अपनी जाल में फंस रही हैं कांग्रेस  नई दिल्‍ली, ( कविलाश मिश्र)।    कांग्रेस मुक्‍त देश का नारा वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से लोकसभा में दिया गया। तब से कांग्रेस पार्टी काफी कठिन दौर से गुजर रही हैं। इस नारे के बाद से जहां भी विघानसभा के चुनाव हुए या कही उपचुनाव हुए कांग्रेस हाशिए पर जाती नजर आई। वर्जमान में मिज़ोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे उत्तरपूर्व के छोटे राज्य और तीन बड़े राज्य हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार है। इसके अतिरिक्‍त हाल-फ़िलहाल तक उत्तराखंड में भी कांग्रेस की सरकार थी जिसके भविष्‍य का फैसला फलोर टेस्‍ट पर 10 मई को होना हैं।   इन राज्यों में अगले साल चुनाव होने हैं और वर्तमान स्थिति को देखते हुए कहा जा सकता हैं कि कांग्रेस की इन राज्यों में चुनाव जीतने की संभावना कम हैं। हिमाचल प्रदेश लगभग प्रत्‍येक पांच वर्श के बाद सरकार बदल जाती हैं। यहीं हाल उत्‍तराखंड के बारे में कहा जा सकता हैं। वैसे भी हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति जमा करने के मामले ...

उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा॥

उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा॥   दिल्‍ली के राजघाट पर चल रहे राम कथा के आंठवे दिन संत मुरारी बापू ने संत और असंत के लक्षणों मानस औ महात्‍मा गांधी के विचारों के द्वारा बताया। साथ ही उन्‍होंने इस दौरान नारद और प्रभु राम के उस प्रसंग का भी उल्‍लेख किया जिसमें नारद प्रभु राम से संत व असंत के लक्षणों को बताते हैं। उन्‍होंने नवयुवाओं से भी आग्रह किया कि जब भी मौका मिले अपने आराध्‍य का स्‍मरण करना चाहिए। इसके लिए क्‍या दिन और क्‍या रात। मुरारी बापू कहते है कि जिस लक्षणों के कारण मैं उनके अधीन हो जाता हूं। वे आगे बताते हैं कि जिसको मंहत बनने को कभी इच्‍छा न हो वह संत हैं। संत वह है जिसका कोई अंत नहीं हैं। कथा के दौरान बापू शिव धनुष भंग , जानकी विवाह , विदाई सहित राजा दशरथ के आयौध्‍या आने को लेकर ज्ञान के सरोबर में भक्‍तों को गोता लगाते रहते हैं।      नारद मुनि भगवान श्री राम से संतों के लक्षणों के बारे में पूंछ रहे हैं।     ’ संतन्ह के लच्छन रघुबीरा। कहहु नाथ भव भंजन भीरा॥   सुनु मुनि संतन्ह के गुन कहऊँ। जिन्ह ते मैं उन्ह कें बस रहऊँ। ...